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1. नेचरल इस्टिंक्ट विल पावर एंड मेडिकल साइंस

1. नेचरल इस्टिंक्ट विल पावर एंड मेडिकल साइंस 1. नेचरल इस्टिंक्ट विल पावर एंड मेडिकल साइंस हलो फ्रेन्ड्स ! माय नेम इज खान वेलकम टू मेडिकल ज्ञान  इट्स टाइम मेडिकल मैगजीन .द मेडीकल आइकान मेडिकल साइंस को जानने समझने के लिये "टाइम मेडिकल्स" ग्रुप की सिरीज  टाइम मेडिकल मैगजीन के पहले अंक मे आपका बहुत बहुत स्वागत है। 1. नेचरल इस्टिंक्ट विल पावर एंड मेडिकल साइंस आज के अंक मे हम यह देखेंगे कि : नेचर में सजीव/लिविंग आर्गेनिज्म और सहज वृत्ति/नेचरल इंस्टिंक्ट क्या है?  मानव इच्छाशक्ति/ह्यूमन विल पावर क्या है?  इच्छाशक्ति ज्ञान-विज्ञान से और मेडिकल साइंस से कैसे संबंधित है? How the Science & Technology Blongs with Will Power हमारा आज का टापिक है : नेचरल इस्टिंक्ट विल पावर एंड मेडिकल साइंस समस्त ब्राह्मांड मे संभवतः केवल धरती पर ही जीवन है। यहां जीवन कीट-पतंगो, पशु पक्षियों, पेड़-पौधों व तमाम जलीव जीवों की अनेकों अनेक प्रजातियों के रूप मे मौजूद है। लिविंग आर्गेनिज्म को कलेक्टिवली/सामूहिक रूप से प्लांट किंगडम और एनिमल किंगडम मे क्लासीफाइ किया गया है।  निर्जीव और सजीव दोनो ...

क्वांटम डाइमेंशन

वनस्पति मे मौजूद फीडिंग सर्वाइवल रिप्रोडक्शन की वृत्ति ही वनस्पति को निर्जीव से अलग करती हैI मतलब यह कि निर्जीव की बनिस्पत पेड पेड़ पौधो के पास एक अधिक डाइमेंसन का एक्सेस होता है जो इन्हे निर्जीव की अपेक्षा अर्न्तयामी बनाता है। पेड़ पौधे अपनी जगह स्थिर रहते हैं, और हमे उनमे कोई गतिविधी होती नही दिखती। जबकि जंतु जगत को मदर नेचर ने एक एक्स्ट्रा कैपेबिलिटी या एक एक्स्ट्रा डाइमेन्शन मे एक्सेस दे रखा है, वह है  और वह है गतिविधी करने की क्षमता। कि पेड़ पौधो  की बनिस्पत जानवर अंतरयामी है। जैसे कि जानवर  की बनिस्पत ह्यूमन मे विल पावर की इंस्टिंक्ट ह्यूमन स्पीशीज को एनिमल किंगडम से एक अधिक आयाम का एक्सेस है और जंतु जगत मे केवल हयूमन श्पीशीज ही अंतरयामी है।बाकी सभी जीव जंतुओं के बनिस्पत केवल ह्यूमन स्पीशीज को मदर नेचर से विलपावर के रूप मे मिला एक अतिरिक्त आयाम यानी एक्स्ट्रा डाइमेंशन है। ठीक वैसे ही जैसे कि  ह्यूमन स्पीशीज की बनिस्पत सुपर ह्यूमन  अंतरयामी है। वे लोग जो हमसे ज्यादा आयाम एक्सेस कर सकते हैं वो अंतरयामी हैं निर्जीव < वनस्पति < जानवर< ह्यूम...

मरीज देखना COUNCELLING OF A PATIENT

A doctor should be neat clean well dressed, clean shaved, mild plesant fregrant, gentle voice, dedicated atitude, light mooded, smile, gentle behaviour. मरीज को आराम से बैठ जाने दें। उसकी समस्याओं को सुने नोट करते चले। मरीज से मुलायम लहजे में उनकी समस्या के बारे में जानकारी लें। समस्या का एस्टीमेशन करने के बाद मरीज को आश्वस्त करे कि आप अपनी तरफ से विशेष प्रयत्न करेंगे जल्द ही उसकी सारी समस्याओं का समाधान हो सके। 

सलीसिलिक एसिड

यह दवा विज्ञान में प्रयोग किए जा सकने वाले सबसे प्रारंभिक और पुराने साल्ट में से एक है। यह डेंगू, वायरल (चिकनपॉक्स/कोरोना/फ्लू) में प्रयोग नही की जानी चाहिए। यह विलो नामक पेड़ की छाल से बनाई जाती है। प्राचीन सभ्यताओं में भी विलो बर्क के औषधीय प्रयोग के प्रमाण मिलते है। अतः यह दवा आदिमानव से लेकर आधुनिक मानव के लिए उपयोगी रही  है।  विलो के तने से क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाले बैट बनाए जाते हैं। यह जो की ठंडे और ऊंचाई वाले भू भाग में ही पाए जाते है। भारत में इस प्रजाति के पौधे कश्मीर में पाए जाते है। यह वीक मेडिसिनल एसिड प्रॉपर्टी के कारण स्किन संबंधित बीमारियों में भी प्रयोग की जाती है।एस्पिरिन में  खून पतला करने का गुण भी पाया जाता है। यह एक्यूट दर्द जैसे की सरदर्द बुखार सूजन बदनदर्द, घाव की दर्द, दांत दर्द, पीठ दर्द के साथ ही साथ क्रोनिक पैन जैसे की आर्थराइटिस,गाउट में भी काफी उपयोगी है। डोज:300से 600mg tid ***पीडियाट्रिक्स तीन साल या अधिक उम्र के बच्चो में 10~15mg/kg every 4 to 6 ओवर्स ***प्रेगनेंसी : ऑलमोस्ट सेफ, अवॉइड इन थर्ड ट्राइमेस्टर ड्यू टू पोटेंशियल रिस...